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शादी के बाद

शादी के बाद

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मैं जब तक कुँवारा था,

माँ बाप का दुलारा था,

लड़कियां मुझ पर मरती थी,

बार - बार फोन करती थी।


छीन गई मेरी घूमने की आज़ादी,

दर-दर भटक रहा हूँ बनकर फरियादी,

सुंदर शोख़ हसीना अब रही ना मुझको याद,

शादी के बाद शादी के बाद।


मैं मोटा था पतला हो गया,

वह पतली थी मोटी हो गई,

उसकी ख्वाहिशें बढ़ती जा रही है,

मेरी ख्वाहिशें छोटी हो गई।


उसके गले में मंगलसूत्र लटक गया,

मेरा चेहरा मंगलसूत्र की तरह लटक गया,

अपने हाथों हो गई ज़िन्दगी बर्बाद,

शादी के बाद शादी के बाद।


अब घर से निकलना भी दुश्वार हो गया,

कान्हा था लड़कियों के बीच अब बेकार हो गया,

महिला से बात करते ही आँख दिखाने लागती है,

छोटी छोटी बातों पर मुँह फुलाने लगती है।


पहले था चाचा अब बाप हो गया,

लगता है इस जनम में पाप हो गया,

मिलता नहीं ज़िन्दगी में कुँवारे का स्वाद,

शादी के बाद शादी के बाद।


शादी के कुछ दिनों तक प्रेम था आपार,

धीर-धीरे उसका कम होने लगा प्यार,

वह जिम्मेदारियों के बोझ तले दबने लगी,

सास ससुर बच्चे का ख्याल रखने लगी।


रात में जो करती थी श्रृंगार वह भूल गई,

मेरा घंटों करती थी इंतजार वह भूल गई,

माँ-बाप, भाई-बहन किससे करेगी फरियाद,

शादी के बाद शादी के बाद।


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