STORYMIRROR

Ashish Sharma

Action

2  

Ashish Sharma

Action

सब्र की इंतेहा

सब्र की इंतेहा

1 min
476


निंदा खंडन शोक से

अब होगा कुछ ना काम।


शहीद हुए जवानों का बलिदान

अब ना होगा नाकाम।


बस अब बहुत हुआ

टूट चुका सब्र का बाँध।


ओ आतंकी ओ कायरों

उल्टी गिनती शुरू करो।


मिटा के रख देंगे

तुम्हारा नामोनिशान।


पाक तुम्हारे नापाक इरादों को

अब लगेगा पूर्ण विराम।


शहीद जवानों को

आशीष का नमन।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Action