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Ashish Sharma

Abstract

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Ashish Sharma

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एक सोच

एक सोच

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ये वक़्त भी एक दिन टल जाएगा

घबरा मत, ये मंज़र बदल जायेगा


सिर्फ हौसला ही तेरे काम आएगा

सावधानी रख, सब ठीक हो जाएगा


इस जलती हुई कड़ी को तोड़ दे तू

तेरा ये प्रयास, कमाल कर जाएगा


कुछ पल के लिए कर खुद को जुदा

इस बीमारी को नाकाम कर पाएगा


गर यही सोच लें आज सभी अपने

आने वाला कल सुनहरा कहलाएगा


फिर आया है मौका एकजुट होने का

भारत, दुनिया को मिसाल दे जाएगा।


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