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Nitu Arora

Abstract

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Nitu Arora

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साथ की खुशी

साथ की खुशी

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कोई मौसम अच्छा नहीं लगता हैं

कोई पर्व सच्चा नहीं लगता हैं


कोई भी रंग मुझ पर खिलता नहीं हैं

कोई भी खुशी मुझको भाती नहीं हैं


क्योंकि मैं अकेली हूं

तुम आजाओ सब बदल जायेगा


हर पल मुझको भायेगा

अकेली मैं अकेले तुम दोनों साथ हो तो

प्यार का मौसम आ जाएगा।


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