साँसें
साँसें
जिदंगी कितनी लबी है सोच जरा
दो सासों के बीच का अंतर जान जरा
अरे रूक जरा......
जो घटता रहा जिंदगी में
वो याद कर जरा.......
जो हम को समय के साथ मिला
उतने साल जिये कैसे
ये सोच जरा.......
पूरी उम्र जी कैसे ये
याद कर जरा.....
जिंदगी कितने साल जी
उसे भूल जरा
अब याद कर उस यादों को
जो तुने अपनी महेनत पाई
अब समझ जरा.....
जब पहली सास अपनी जिंदगी के लिए ली
और याद कर उन पलों को
जो जिंदगी के लिए जीये
अब सोच जरा
आखिर कितनी जिंदगी तुने
इस जिंदगी मे जी
उसे याद कर जरा.....
