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Rashmi Srivastava

Abstract

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Rashmi Srivastava

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सांसें कैद में

सांसें कैद में

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कभी सांसें भी कैद होंगी

ऐसा अनुमान ना था,


मुँह ढका होगा मास्क से

यह सोचा ना थी।


छोटी सी जिन्दगी है,

सांसें भी गिनी हुई,


वह भी हो जाएंगी कैद,

ऐसा कभी सोचा न था।


अपने चेहरे को छिपाना पड़ेगा

दुनिया के सामने ऐसा कभी सोचा।


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