प्रकृति के रुप
प्रकृति के रुप
इस प्रकृति के विभिन्न रंगों तरंगों को तो देखो।
हर तरफ फैली हुई है खुशबू भरी ताज़गी सी।।
यह प्रकृति भी है एक अबूझ पहेली।
जो सजाती है विभिन्न ऋतुओं की रंगोली।।
आओ अपने जीवन में भी रंग भरे प्रकृति के रंगों के समान।
तभी तो जीवन में सुख एवं दुःख लगेंगे एक समान ।।
