STORYMIRROR

kapil beniwal

Tragedy

3  

kapil beniwal

Tragedy

रोटी का आदमी

रोटी का आदमी

1 min
266

लाल सलाम  या भगवा सलाम .....

"सतरंगी सलाम ......."


१ मई ....... ;

मजदूर दिवस


मजदूरों को तो शायद

पता भी नहीं होगा कि

उनके लिए भी कोई दिवस है .....


ठेकेदार दिवस ...

बन के रह गया ...!!



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Tragedy