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प्रीति प्रभा

Abstract

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प्रीति प्रभा

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रंग

रंग

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उसे सफ़ेद रंग में

मैं बहुत ज्यादा अच्छी लगती थी

ये रंग और मेरी सादगी जो है बेरंग

उसके होने से ज़िन्दगी रंगीन थी


अब उसके जाने के बाद

कोई भी रंग पहन लूंँ मैं पर

ये ज़िन्दगी बेरंग लगती है

उसका इरादा शायद 


मुझे बेरंग करने का था

इसीलिए उसे मैं सफ़ेद रंग में

ज्यादा अच्छी लगती थी

रंग भर कर के भी बेरंग हूंँ मैं।


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