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Radha Gupta Patwari

Abstract

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Radha Gupta Patwari

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रंग

रंग

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रंग भी कितने अजीब होते हैं

यूँ तो ये भिन्न भिन्न होते हैं,

कोई लाल है तो कोई गुलाबी,

कहीं हरा है तो कहींं नीला,

सब रंग का अपना महत्व,

अपने में ही खूबी लिए हुए,

पर जब सब एक हो जाते हैं

तब सभी का अस्तित्व खत्म हो जाता है

और रह जाता है सिर्फ़ एक रंग

वो भी प्यार का,अपनेपन का।



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