STORYMIRROR

Kavita Sharrma

Abstract

4  

Kavita Sharrma

Abstract

रिश्ते और जिंदगी

रिश्ते और जिंदगी

1 min
270

रिश्तों के खट्टे-मीठे एहसास 

 जिंदगी को जायकेदार बनाते हैं

मीठे जहां रस घोलते हैं


तो तीखे ज़रा चटाखेदार होते हैं

कुछ नमकीन से होते हैं

जिनके भोजन फीका ही रहता है


हर स्वाद का अपना ही

अलग ही ज़ायका तो होता है।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract