Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer
Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer

Poonam Chandralekha

Abstract Classics Fantasy

4.0  

Poonam Chandralekha

Abstract Classics Fantasy

रिक्तता

रिक्तता

1 min
18


ख़ुशबुओं की तलाश में जो हम निकले 

राहों में फूल अनगिनत खिले, 


चले हम उजालों की ओर जो

सूरज आसमानों में अनेक मिले,


अपनी तलाश में जो हम निकले

तो हासिल कुछ भी न कर सके


ख़ुशबू, फूल, उजाले औ' सूरज 

अपने जो पास थे, वह भी


अपने हाथों से  हम गंवा बैठे।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract