STORYMIRROR

सोनी गुप्ता

Abstract

3  

सोनी गुप्ता

Abstract

रात ने खबर दी है

रात ने खबर दी है

1 min
255

दिशाओं में भी 

गुम रहने को 

होश में भी

सुप्त रहने को

प्रेम के पास में

जो आकर्षण है 

उसमें भी

लुप्त रहने को

नैनों में आए

मीठे सपनों को

रात ने खबर दी है 

अपनों को.



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract