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Sunil Gupta teacher

Inspirational

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Sunil Gupta teacher

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राष्ट्रप्रेम गीत (7)

राष्ट्रप्रेम गीत (7)

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 व्यवहार नहीं रखते , 

व्यवहार लौटाते हैं।

 हम मूलधन के साथ , 

चक्री ब्याज लौटाते हैं।। 


कोई एक पग बढ़ाये ,

हम दोनों बढ़ाते हैं।

कोई हाथ आ बढ़ाये , 

हम गले लगाते हैं।। 


कोई एक कर उठाये , 

हम दोनों उठाते हैं।

कोई मीठे बोले बोले ,

हम गीत सुनाते हैं।। 


औकात कोई दिखाये , 

हम अपनी पे आते हैं। 

कुचाल चाल जो भी चले ,

पांव कटाते हैं ।। 


कोई गोली आ चलाये ,

हम तोप चलाते हैं।

तुम एक आके मारो , 

हम ढेर लगाते हैं।।



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