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Sunil Gupta teacher

Inspirational

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Sunil Gupta teacher

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राष्ट्रप्रेम गीत (34)

राष्ट्रप्रेम गीत (34)

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है हमारे जवानों का , सीना बड़ा।

दुश्मनों सामने आना , सोच समझ।। 

तुमने भूले से भी , पग बढ़ाया अगर।

जा ना पाओगे वापिस ,अभी सोच लो।।


मेरे सैनिक डटे हैं , मैदाने जंग।

 बाहु उनकी फड़कती , तुम्हारे लिए।

 तुमने भूले से भी , आंगे रख्खा कदम।

तीसरा नेत्र उनका , तुम्हारे लिए ।।


बच न पाओगे , चाहे जल में डूब लो

बंकरो में बचोगे , नहीं जाके छुप।।

नभ से तुमको झपट ले, हम बाज की तरहा 

भूल करना नहीं , बेटा आने की तुम।।


तुम समझते हो अपने को , तीस मार खां।

हम मिला दे महीं , जो नजर में दिखे।।

मौत का जो निमंत्रण , हो स्वीकार तुम।। 

हम तो बैठे तुम्हारी ही , चाहत लिए।



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