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RAJESH KUMAR

Inspirational

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RAJESH KUMAR

Inspirational

रामराज्य

रामराज्य

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मैं ही राम ,मैं ही रावण

राम नाम है,

ऊर्जा का भंडार

रावण नाम है,

अहंकार का भंडार।


राम नाम है,

आदर्श का प्रतिमान

रावण नाम है,

घमंड का प्रतिमान।


मैं सोचूँ ,सच्चा

मैं भी राम

सोचूँ  ,स्वयं हित

मैं ही रावण


मैं करूं सच्चा काम 

केवल वही राम,

मैं करूं दुराचारी काम

मैं ही रावण।


परिवार ,लेकर साथ

जो चले, हम ही राम

परिवार ,करे अलग 

हम ही रावण।


मां का वचन

निभाए वह ,राम

मां का करे , अनादर

 वह है ,रावण।


वचन  जो निभाए

केवल वही ,राम

वचनो का करे ,प्रतिकार

वही है रावण।


स्त्री का जो करें 

सम्मान वह ,राम

स्त्री का करे,अपमान

वह है रावण।


प्राण जाए पर 

वचन ना जाए,

केवल वह है, राम

बाकी रावण का, प्रतिकार



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