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karan ahirwar

Abstract Thriller

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karan ahirwar

Abstract Thriller

राहों में

राहों में

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खुद से राहों में

ठोकर कौन लगाता है

जो गिर जाए तो

आकर कौन उठाता है


मेरी खुशनसीबी की

तू नहीं है पास मेरे

वरना कांटों से

इश्क कौन लड़ाता है


तेरी वफादारी

मेरी जीवन की एक सीख है

वरना मंज़िल को

राहों से दूर कौन भगाता है



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