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Ritu Rose

Inspirational

4  

Ritu Rose

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प्यार

प्यार

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जब प्यार में कुछ नहीं तकरार में क्या है

 नहीं कोई लड़ाई झगड़ा बेकार में क्या है

 यह वाणी ही तो मीठी मिश्री के जैसे हैं

कभी कड़वा बन जाती है नीम करेला कहते हैं

 सब इसका ही आधार है सर इसका ही संसार है

 मीठे हैं प्यार के अगर बोल जीवन का यह सार है

नहीं जिंदगी में हो प्यार यह जीवन ही बेकार है

 कुछ पल का यह जीवन है कब पता नहीं मिट्टी में मिल जाए

पानी का बुलबुला है कब पानी में घूम जाए

 जब इतना तुम्हें पता है तब कैसे लड़ना झगड़ना

 सबको प्यार से रहना है

एक कदम तुम बढ़ाओ एक मुझे है बढ़ाना।


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