प्यार में
प्यार में
बदलती नई परिभाषाओं को जीवन में अंकित कैसे करें
जब हमारे धड़कते दिल की हलचल, सीमा लाँग रही हो
और फिर पाबन्दियाँ दूरी बनाने को हमें मजबूर करने लगें
आग छूकर बिछड़ जाने का एहसास नहीं समझना हे हमें,
कुछ वख्त के लिए एक दूजे कि बाँहों मे नाच लेने दो हमें,
कैसा अक्षेप, कौनसी अपेक्षा मर जाने को दिल चहता हे !
