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ritesh deo

Abstract

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ritesh deo

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प्यार करते है

प्यार करते है

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प्यार कैसा


क्या प्यार यही है और इसे ही प्यार कहते हैं 

जो आज प्रेमी युगल प्यार आपस में करते है।


एक दिन के ही मिलन में हम बिस्तर चाहता है

 क्या पहले भी ऐसा ही प्यार किया करते थे ।


राधा और मीरा का मोहन से कैसा प्रेम था 

आज क्यों प्रेम का रंग और रूप बदल दिया है। 


 पहले प्यार को सब पूजा और सम्मान करते थे 

और आज प्यार को लोग सब बदनाम करते हैं। 


 पहले प्यार को अंजाम तक ले जाने का वादा करते थे

आज प्यार में वादा करके आधे रास्ते में ही तोड़ देते हैं।


कहा जाता है कि प्यार एक से ही हुआ करता है

आज प्यार एक से नहीं हजारों से किया करते हैं ।


जो आज प्यार सिर्फ जरूरत के लिए ही करता है 

और इसको भी आज प्यार का नाम दिया जाता है ।


प्यार तो एक सुंदर सा एहसास है मन का 

जो औरों के पास इजहार नहीं किया जाता है। 


लोगों के सामने जो प्रदर्शन किया जाता है 

क्या उसे भी कैसे प्यार का नाम दे देते हैं। 



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