प्यार की रीत
प्यार की रीत
रीति-रिवाज से सुसज्जित संसार मे,
कोई प्यार की रीत निभाये तो बात बने,
चांद तारों को कदमो मे नहीं,ख्वाहिशों ,
अरमानों के दीये जलाये तो बात बने।
दिल की दुनिया से ऊपर,
जज़्बातों के मौन रिश्ते निभाये तो बात बने,
रब की इबादत से परे,रूह को
हमारी इबादतखाना बनाये तो बात बने।
दर्द की नुमाइश पर हमदर्द है बहुत,
अनकहे दर्द की खामोशी समझ जाये तो बात बने,
जिंदगी के सफर में साथी है बहुत,
हमसफर कोई खुशी ,गम का बन जाये तो बात बने,
चांदनी रात के हमनवां है बहुत,
अमावस के स्याह अंधेरों में कोई रौशनी दिखाये तो बात बने,
मुकम्मल है यूं तो दोस्तों से जहां हमारा,
कोई रकीब रूह से हमें चाहे तो बात बने।
