पुरानी यादें
पुरानी यादें
हर वक्त छाई रहती है ,
मानस पटल पर ,पुरानी यादें ,
कुछ अच्छे कुछ बुरे लम्हे,
कुछ सच्ची कुछ झूठी सी,।
खुद पे तरस आता है
याद कर पुरानी यादों को ,
बेवजह उलझा रहा तमाम जिंदगी,
इन खुराफाती ख्वाबों में,
होना वही है जो मुकद्दर में लिखा है ,
और हम खुद से ही लड़ते रहे ,
खुद की कमियां अब याद आती हैं
पुरानी यादें अब सताती हैं,
तमाम उम्र हम दूसरों पर ,
अपनी खुशियां लुटाते रहे ,
वही लोग मुझे देख कर ,
पागल समझ हंसते रहे,।।
