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डॉ. अरुण कुमार निषाद

Tragedy

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डॉ. अरुण कुमार निषाद

Tragedy

पर्यावरण

पर्यावरण

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हमारा जीवन

रहन-सहन

सब

निर्भर है

हमारे

पर्यावरण पर

जैसा बोओगे


वैसा ही

कटोगे

इसलिए

अभी से ही

चेत लो


मत करो

खिलवाड़

पर्यावरण से

अगर इसने

दिखलाया


अपना

विकराल रुप

तो सोचो

क्या होगा

कल्पना करो

कोरोना के

रुप में।


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