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Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

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Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

"पर्यावरण का ख्याल"

"पर्यावरण का ख्याल"

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पर्यावरण का रखो, तुम ख्याल

नही फैलाओ प्रदुषण का बाल

हम सबका ही होगा कल्याण

जैसा हम लोग बोएंगे बीज,

वैसा ही होगा हमारा हाल

पर्यावरण का रखो, तुम ख्याल

वो खुदा हमारी करेगा, संभाल

हमारा जीवन होगा मालामाल

कहीं भी न रहेगा, रोग इस साल

यदि धरती का रखेंगे हम ख्याल

न पहुंचाएंगे इसे कोई नुकसान

धरती माँ करेगी हमको निहाल

पर्यावरण का रखो, तुम ख्याल


प्रकृति से बंद कर दो, छेड़छाड़

फिर प्रकृति करेगी देखभाल

जितने पौधे हम लोग लगाएंगे,

पर्यावरण को शुद्ध बनाएंगे,

उतना ज्यादा होगा, कमाल

पृथ्वी की सुंदर होगी, चाल

उड़ेगी फिर खुशियों की गुलाल

पर्यावरण का रखो, तुम ख्याल

छोड़ दो, अब लालची स्वभाव

पृथ्वी को खोदना अब बंद करो,

बंद करो, भूमि प्रदूषण, साथ में,

जल, वायु, ध्वनि प्रदूषण तमाम

खत्म करो, बुराई की हर चाल

सजाओ हो, पृथ्वी मां को ऐसे,

खिल उठे, यहां हर गुलाब जैसे

पर्यावरण का रखो, तुम ख्याल

पर्यावरण करेगा, हमारी संभाल


समस्याओं का कितना हो जाल,

प्रकृति में हर मर्ज का है, इलाज

गर रखेंगे पर्यावरण का ध्यान

पर्यावरण रखेगा हमारा ध्यान

पृथ्वी, अग्नि, जल, वायु, व्योम,

संतुलन से बनेगा, बिगड़ा काम

जो प्रकृति की करेगा देखभाल

पर्यावरण देगा, उनको वरदान

बनेगा उसका जीवन गुलिस्तान

जो पर्यावरण की करेगा संभाल

पर्यावरण करेगा, उन्हें निहाल

पर्यावरण का रखो, तुम ख्याल

यह हमारा जीवन देगा सुधार



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