STORYMIRROR

अशोक वाजपेयी

Drama

2  

अशोक वाजपेयी

Drama

प्रतीक्षा

प्रतीक्षा

1 min
835


धूप में

चिड़ियों का

स्पन्दन है,


हरी पत्तियों का

नीरव उजला गान है,


प्रतीक्षा

दरवाज़े पर दस्तक के

अनसुने रहने पर


छोड़े गए शब्द हैं....


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Drama