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Pallavi Goel

Inspirational

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Pallavi Goel

Inspirational

प्रजातंत्र के रक्षक हो तुम

प्रजातंत्र के रक्षक हो तुम

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प्रजातंत्र है जिम्मेदारी 

जन जन इसका है अधिकारी 

अधिकार जो तुमको है पाना

कुछ कर्म भी करते जाना 

समुद्र की गहरी हलचल में

हंस बनो इक मोती चुनो

चुनना तुम्हारा कर्म -धर्म है

तुम प्रजातंत्र के रक्षक हो।


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