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Dhan Pati Singh Kushwaha

Inspirational

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Dhan Pati Singh Kushwaha

Inspirational

प्रगति की निशानी

प्रगति की निशानी

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बदलते समय संग बदलता संसार,

सतत् चिंतन करते बदलें व्यवहार।

बदलाव प्रगति की निशानी है,

बदलते संसार की।

कठोरता संग ही समझानी है,

हमें कीमत प्यार की।


मर्यादित संग रहें मर्यादा में हम,

अमर्यादित संग संख्ती नहीं हों नरम।

मर्यादा सिखाते रघुकुल के लाल,

 कूटनीतिक सीख देते हैं नंदलाल।

बदल दें निज रणनीति हम,

देख अरि के दुष्टतापूर्ण व्यवहार की।

बदलाव प्रगति की निशानी है,

बदलते संसार की।

कठोरता संग ही समझानी है,

हमें कीमत प्यार की।


बेइमान संग होते निरर्थक,

ईमानदारी के सारे ही भाव।

ज्यों दुष्टों पर नहीं है होता,

कोरे उपदेशों का कोई प्रभाव।

जरूरत होती है शठ संग,

शठता के ही व्यवहार की।

बदलाव प्रगति की निशानी है,

बदलते संसार की।

कठोरता संग ही समझानी है,

हमें कीमत प्यार की।


जब लगे हो गई आदर्शों की,

रामत्व छोड़ बनें कूटनीतिज्ञ श्याम।

अराजकता पसरने से पूर्व,

उपचार कर दें ,दे आदर्शों को विराम।

हर फैसले में मीन-मेख,

निकालता हर हाल यह संसार।

बदलाव प्रगति की निशानी है,

बदलते संसार की।

कठोरता संग ही समझानी है,

हमें कीमत प्यार की।


बदलते समय संग बदलता संसार,

सतत् चिंतन करते बदलें व्यवहार।

बदलाव प्रगति की निशानी है,

बदलते संसार की।

कठोरता संग ही समझानी है,

हमें कीमत प्यार की।


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