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Tarini Mohapatra

Romance

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Tarini Mohapatra

Romance

प्रेरणा

प्रेरणा

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गरज रहे बादल बहार,

बारिश की बूंदें गिर रही।

दिल में बढ़ रहा है प्यार,

ये निगाहें ज़रा फिसल रही।

इस बरसात में,

जलती हुई शमा की रोशनी में।

हम दोनों साथ,

एक दूसरे का हाथ थामे।

शाम का वक़्त हो रहा,

इरादों में मोहब्बत छा रही।

कुछ लफ्ज़ प्यार के हमने कहा,

ज़रा शर्मा कर, ज़रा इतरा कर ,

कुछ लफ्ज़ आपने कहीं।

इस प्यार के मौसम में,

जहां एकांत में दो आत्माएं मिल रही।

इस मिलन से ,

इस बरसात की खूबसूरती और भी बढ़ गई।

एकांत भी मिला,

प्यार का मौसम भी मिला,

और,

नसीब से,

आप हमें मिल गई।

बनकर अर्धांगिनी हमारी,

हमारी प्रेरणा आप बन रही।



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