STORYMIRROR

Bhawna Vishal

Romance

3  

Bhawna Vishal

Romance

प्रेम तरू

प्रेम तरू

1 min
490

उस प्रेम तरू के कोटर में

इक पीड़ सुहानी रखी है

समझ की सधी गुलेलों पे

कंकड़ भर नादानी रखी है।


जीवन के जटिल जवाबों में

इक सरल कहानी रखी है

कुछ समझ सयानी रखी है

और कुछ मनमानी रखी है।


हां,बात वही,शुरुआत वही

जो मन ने ठानी रखी है

जिस वैराग्य का साध्य मधुरतम है

वो मीरा दीवानी रखी है।


उस प्रेम तरू के कोटर में

इक पीड़ सुहानी रखी है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance