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Abhishek Singh

Inspirational

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Abhishek Singh

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प्रेम प्रकाश

प्रेम प्रकाश

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तू ज़िंदगी है या ज़रूरत,

या सुंदर सी कोई मुरत।

प्रेम प्रकाश में मैं तर जाऊँ,

या तुझको ख़ुद में मैं भर जाऊँ।


सीने से लगा हर वक़्त,

तुझको मैं जब-जब पाऊँ।

हर एक साँस ज़िंदगी की,

इज़ाफ़ा मैं करता ही जाऊँ।


फिर चाहे दर्द ही क्यों न हो,

हर तरफ़ अंधकार ही क्यों न हो,

हाथ जोड़ उजालों से,

लड़ लेंगे हम अंधेरों से।


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