Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!
Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!

Babita Jha

Inspirational


4.5  

Babita Jha

Inspirational


पियूष की धारा

पियूष की धारा

1 min 94 1 min 94

हिन्दी है पीयूष की धारा

जिसे जाने ये धरती सारा

साहित्य भविष्य को सहज बनाती

हिन्दी उसमें भाव जगाती


संस्कृति है सर्वोत्तम ज्ञान

हिन्दी उसमें भर दे ज्ञान

यह जीवन में रंग है भरता

जो अच्छाई की ओर उन्मुख है करता


देश के गौरव का भान

उन्नत भारत देश महान

चारों ओर बिगुल है बजा

राष्ट्र प्रेम का मनोभाव है जगा


साहित्य से मानव का विकास

आओ करें हम उसपर नाज

जहाँ यह अतीत की रेखा

चारों ओर परिवर्तन देखा


जन जन में आन्दोलन भरना

अपने सपनों को साकार है करना

जिसे माने ये धरती सारा

हिन्दी है पीयूष की धारा।


Rate this content
Log in

More hindi poem from Babita Jha

Similar hindi poem from Inspirational