पिता
पिता
खुद की ख़ुशी भुला कर बच्चों को जो खुश रखता है
वो है पिता।
खुद धूप में जलता है पर बच्चों को छांव में रखता है
वो है पिता।
खुद भूखा रह कर बच्चों को कभी भूखा नहीं रखता है
वो है पिता।
बच्चों की खुशी मैं अपना सारा गम भुला देता है
वो है पिता।
पूरा जीवन संघर्ष कर परिवार को खुश रखता है
वो है पिता।
