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savitri garg

Abstract Others

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savitri garg

Abstract Others

# पिता

# पिता

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पिता है तो परिवार है ,

पिता से तो सारा जहान है।

पिता से ही तो सारे ख्वाब है अपने,

पिता से ही तो सारे सच है सपने‌ ।।

पिता है तो परिवार है,

पिता से ही सारा जहान है।

पिता है तो हर मुश्किल आसान है ,

पिता है तो हंसी मुस्कान है ।।

पिता है तो परिवार है,

पिता से ही तो सारा जहान है ।

पिता है तो जीवन में हर रंग- रंगीन है,

पिता से ही तो आज ,कल , जीवन का हर पल हसीन है।।

पिता है तो परिवार है,

पिता से ही तो सारा जहान है।।



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