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Tirth Rana

Romance

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Tirth Rana

Romance

फूलों की शिकायत

फूलों की शिकायत

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बगीचे के सारे फुल जलते है तुमसे, 

तुम सज कर मत निकला करो।

 तितलियों ने बगीचा छोड़ दिया है,

 तुम बिंदी लगा कर मत निकला करो ।

 सादगी में भी चंद से खूबसूरत लगती हो, 

तुम सज सवार कर चाँद को जलाया मत कर।


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