पहला प्यार
पहला प्यार
सावन का था वो मौसम
और बारिश की पहली फुहार
जब देखा था मैंने उसे पहली बार।
छुट्टी के दिन थे हमारे
टूट गए थे मेरे दिल के तार
जब देखा था मैंने उसे पहली बार।
हम घूमते थे गलियों मे
घूमते हुए उसने मुझे देखा
मैंने उसे देखा
पर न जुड़े पाए हमारे दिल के तार
जब देखा था मैंने उसे पहली बार।
उन कटीली आँखो पर हुआ था
मेरा दिल बेकरार
जब देखा था मैंने उसे पहली बार।
दिल था बेकरार
सोचा था वो ही बनेगी मेरी
जीवनसंगिनी पर न कर पाया
प्यार का इजहार
जब देखा था मैंने उसे पहली बार।
एक दिन हम घूम रहे थे बगिया में
हम दोनों की आँखे मिली
जुड़े गए हमारे दिल के तार
और मैंने करा अपने प्यार का इजहार।
उसने भी हाँ कह दिया
वो हाँ ही था मेरे बैचेन दिल का करार
क्योंकि वो ही तो था मेरा पहला प्यार।

