STORYMIRROR

BABULAL KUSHWAHA

Tragedy

2  

BABULAL KUSHWAHA

Tragedy

पेड़

पेड़

1 min
226

नित्य दिन वातावरण में

आ रही भूचाल

काट कर सब फेंक देगी

स्वाश की यह जाल।


इस कारण का हम लोग

खुद ही है जिम्मेदार

न बचेगी यह धारा

न बचेंगे हम ।


अपनी वस्तुओं की पूर्ति

पेड़ो से कर रहे है हम

वह दिन अब दूर नही

जब सब मरेंगे हम।


नित्य होते जा रहे है

वृक्ष ये सब कम।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Tragedy