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BABULAL KUSHWAHA

Tragedy

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BABULAL KUSHWAHA

Tragedy

पेड़

पेड़

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नित्य दिन वातावरण में

आ रही भूचाल

काट कर सब फेंक देगी

स्वाश की यह जाल।


इस कारण का हम लोग

खुद ही है जिम्मेदार

न बचेगी यह धारा

न बचेंगे हम ।


अपनी वस्तुओं की पूर्ति

पेड़ो से कर रहे है हम

वह दिन अब दूर नही

जब सब मरेंगे हम।


नित्य होते जा रहे है

वृक्ष ये सब कम।



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