STORYMIRROR

अधिवक्ता संजीव रामपाल मिश्रा

Inspirational

4  

अधिवक्ता संजीव रामपाल मिश्रा

Inspirational

पैसे की दम

पैसे की दम

1 min
198

पैसे की दम पर कोई भी नेता बन सकता है

पैसे की दम पर न्याय कोई भी ले सकता है


पैसे किसी को किसी का फैन बना सकते हैं

पैसे से आदमी आदमी को मरवा सकते हैं


पैसे की दम पर कहीं भी भीड़ बना सकते हैं

सब पैसे का खेल खेलते फिर होते मसीहा है


सब पैसे हैं जो खा रहे हैं वह सब रुपया है

सब रुपया विदेश में पैसे भारत में होते हैं


लोकतंत्र नाम है नीति ने कैसिऩों बना रखे हैं

जहां पैसे ही पैसे और गरीब इलाज को रोते हैं


योजना रुपया है मगर पहुंचते गरीब तक पैसे हैं।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational