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Bhoop Singh Bharti

Abstract

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Bhoop Singh Bharti

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पाखंडों की पोल

पाखंडों की पोल

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कोरोना नै खोल दी, पाखंडों की पोल। 

अंधविश्वास ढोंग का, घणा पुराणा घोल।

घणा पुराणा घोल, झोल नै समझो यारो।

छोड़ो सभ पाखंड, ढोंग कै गोली मारो।

लुटे लुटाए खूब, ढोंग पै ईब लुटो ना। 

पाखंडी दर बंद, पोल  खोली  कोरोना।


         



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