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Sunil Kumar

Abstract

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Sunil Kumar

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नया सवेरा

नया सवेरा

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जीवन पथ पर जब तू

हिम्मत से बढ़ता जाएगा

राह की मुश्किलों से

हरगिज़ नहीं घबराएगा

सच कहता हूं जीवन में तेरे

एक नया सवेरा आएगा।

विघ्न- बाधाओं से जब तू

साहस से लड़ता जाएगा

तप कर सोने की तरह

कुंदन बन जाएगा

सच कहता हूं जीवन में तेरे

एक नया सवेरा आएगा।

छंट जाएंगे दुःख के बादल

आनंद का पल भी आएगा

बीतेगी पतझड़ की रजनी

द्वार मधुमास भी आएगा

सच कहता हूं जीवन में तेरे

एक नया सवेरा आएगा।

तेरे बढ़ते कदमों को जब

कोई रोक नहीं पायेगा

तुझ पर हंसने वाला ही

जब तेरे गुण गाएगा

सच कहता हूं जीवन में तेरे

एक नया सवेरा आएगा।


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