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सुरभि शुक्ला

Inspirational

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सुरभि शुक्ला

Inspirational

नव वर्ष

नव वर्ष

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जो बीत गया

सो बीत गया

छोड़ पुराने किस्से बातें

आया हैं नया साल

स्वागत कर नए दिन का


बांहें पसारे इन्तज़ार कर रहीं हैं

आज की पहली सुबह

कर तू जीवन की नई शुरुआत

जो दे तुझे तेरी पहचान

अब हैं तुझे निरन्तर आगे बढ़ना


शूल से भरें हैं ये पथ

चुभ जाएंगे तेरे पांव में

निकाल कर उन्हें

तू हो खड़ा फिर

इन रास्तों पर है तुझे दौड़ना


इस नए सफ़र में

होंगी सैकड़ों कठिनाई

पर होगा तेरे साथ सूर्य का तेज

जो देगा तुझे शक्ति और साहस

जीवन में हर मुश्किल को हल करने का


चमकेगा सितारा जब

देखेंगे दूर से सब तुझे

होंगी तेरी रोशनी पूरे आसमान में 

याद करेगा पूरा संसार उन्हें

जो करेगा परिश्रम सदा।।

       


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