STORYMIRROR

सुरभि शुक्ला

Inspirational

4  

सुरभि शुक्ला

Inspirational

नव वर्ष

नव वर्ष

1 min
539

जो बीत गया

सो बीत गया

छोड़ पुराने किस्से बातें

आया हैं नया साल

स्वागत कर नए दिन का


बांहें पसारे इन्तज़ार कर रहीं हैं

आज की पहली सुबह

कर तू जीवन की नई शुरुआत

जो दे तुझे तेरी पहचान

अब हैं तुझे निरन्तर आगे बढ़ना


शूल से भरें हैं ये पथ

चुभ जाएंगे तेरे पांव में

निकाल कर उन्हें

तू हो खड़ा फिर

इन रास्तों पर है तुझे दौड़ना


इस नए सफ़र में

होंगी सैकड़ों कठिनाई

पर होगा तेरे साथ सूर्य का तेज

जो देगा तुझे शक्ति और साहस

जीवन में हर मुश्किल को हल करने का


चमकेगा सितारा जब

देखेंगे दूर से सब तुझे

होंगी तेरी रोशनी पूरे आसमान में 

याद करेगा पूरा संसार उन्हें

जो करेगा परिश्रम सदा।।

       


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational