STORYMIRROR

archana nema

Inspirational

2  

archana nema

Inspirational

नव सृजन

नव सृजन

1 min
328

अतीत से परे का अब

नव सृजन, नव विचार है।

खिले नये स्वप्न, विस्तृत नव संसार है


पीछे क्या मुड़ना जब आगे पथ, पुनीत सा।

देख ! सजा प्यार, नयी प्रीत का, नई रीत का


गई बात पतझड़ की, पीर की, दुख नीर की

पुलक पुलक हर्षे मन सुवासित सी समीर सा।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational