archana nema
Inspirational
अतीत से परे का अब
नव सृजन, नव विचार है।
खिले नये स्वप्न, विस्तृत नव संसार है
पीछे क्या मुड़ना जब आगे पथ, पुनीत सा।
देख ! सजा प्यार, नयी प्रीत का, नई रीत का
गई बात पतझड़ की, पीर की, दुख नीर की
पुलक पुलक हर्षे मन सुवासित सी समीर सा।
कविता- "इस बर...
ऋतुराज सयाने ...
बरसात
मेघ
खेल
नव सृजन
मेरा प्रतिबिं...
चन्दा सोहे शीश पर , काम नशावन हार । मोह निशा का नाश कर , ज्ञान दिवस दातार।। चन्दा सोहे शीश पर , काम नशावन हार । मोह निशा का नाश कर , ज्ञान दिवस दातार।।
किस्मत से मिलते, प्यार से खिलते, रिश्ते प्यार भरे। किस्मत से मिलते, प्यार से खिलते, रिश्ते प्यार भरे।
मैंने विरासत में करोड़ो पाने वालो को, छिपने में सुकून महसूस करते देखा है| मैंने देखा है, मैंने विरासत में करोड़ो पाने वालो को, छिपने में सुकून महसूस करते देखा है| मैंने द...
तुम फिर प्रयास करो यशवंती अपना भुजबल आजमाओ तुम। तुम फिर प्रयास करो यशवंती अपना भुजबल आजमाओ तुम।
मृत्यु पर विजय है वही पा सका जो परहितार्थ उत्सर्ग कर सका। मृत्यु पर विजय है वही पा सका जो परहितार्थ उत्सर्ग कर सका।
बिजली इंसान की ऐसी ज़रूरत जिसके बिना रहना है मुश्किल। बिजली इंसान की ऐसी ज़रूरत जिसके बिना रहना है मुश्किल।
मन से पूछो मूल्य कभी क्या, आजादी का जाना है॥ मन से पूछो मूल्य कभी क्या, आजादी का जाना है॥
प्रेम की अमिट शक्ति जगाती, मन की दुनिया को सजाती। प्रेम की अमिट शक्ति जगाती, मन की दुनिया को सजाती।
आओ... नेत्रदान का संकल्प लें। आओ... नेत्रदान का संकल्प लें।
दिल-ओ-जान से भी प्यारा मुझको मेरा वतन है। दिल-ओ-जान से भी प्यारा मुझको मेरा वतन है।
मैंने कहा- "तुम स्त्री जात हो इसीलिए भावनाओं की गंगा में बहती रहती हो मैंने कहा- "तुम स्त्री जात हो इसीलिए भावनाओं की गंगा में बहती रहती हो
हिम मुकुट शुभ शीश राजे सिंधु पग में झूमता । पोषता जो इस धरा को मेघ नभ में घूमता। हिम मुकुट शुभ शीश राजे सिंधु पग में झूमता । पोषता जो इस धरा को मेघ नभ में घूम...
अपनी मानवता को सशक्तिकरण दें एवं इस विश्व को सद्भावना का कर्मस्थल बनाएंँ...! अपनी मानवता को सशक्तिकरण दें एवं इस विश्व को सद्भावना का कर्मस्थल बनाएंँ....
योग दिवस को मनाने का सबका सपना हो साकार। योग दिवस को मनाने का सबका सपना हो साकार।
सकल जगत यह रंगमंच है हम सब हैं अभिनेता, अवधि पल आने-जाने के प्रभु नियत कर देता। सकल जगत यह रंगमंच है हम सब हैं अभिनेता, अवधि पल आने-जाने के प्रभु नियत कर देत...
पंद्रह अनर्थ मनुष्यों के हैं जो धन के कारण ही माने गये । पंद्रह अनर्थ मनुष्यों के हैं जो धन के कारण ही माने गये ।
ना तुम्हारी सत्ता का अधिकार मुझको चाहिए ना ही धन और स्वर्ण का भंडार मुझको चाहिए। ना तुम्हारी सत्ता का अधिकार मुझको चाहिए ना ही धन और स्वर्ण का भंडार मुझको चा...
एक संभावनाओं की दुर्घटना अधिक लगता है, और मन में अनायास अवांछित होने का भाव जगता है एक संभावनाओं की दुर्घटना अधिक लगता है, और मन में अनायास अवांछित होने का भाव ज...
हम मनोहर दूरवर्ती, कार्यक्रम चलाएं। अपने सभी बच्चों का,हम सब ग्रुप बनाएं। हम मनोहर दूरवर्ती, कार्यक्रम चलाएं। अपने सभी बच्चों का,हम सब ग्रुप बनाएं।
चलते-चलते तेरे कदमों का रुक जाना चलते-चलते तेरा यूँ लड़खड़ाना। चलते-चलते तेरे कदमों का रुक जाना चलते-चलते तेरा यूँ लड़खड़ाना।