Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!
Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!

archana nema

Inspirational


2  

archana nema

Inspirational


नव सृजन

नव सृजन

1 min 128 1 min 128

अतीत से परे का अब

नव सृजन, नव विचार है।

खिले नये स्वप्न, विस्तृत नव संसार है


पीछे क्या मुड़ना जब आगे पथ, पुनीत सा।

देख ! सजा प्यार, नयी प्रीत का, नई रीत का


गई बात पतझड़ की, पीर की, दुख नीर की

पुलक पुलक हर्षे मन सुवासित सी समीर सा।



Rate this content
Log in

More hindi poem from archana nema

Similar hindi poem from Inspirational