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archana nema

Inspirational


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archana nema

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नव सृजन

नव सृजन

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अतीत से परे का अब

नव सृजन, नव विचार है।

खिले नये स्वप्न, विस्तृत नव संसार है


पीछे क्या मुड़ना जब आगे पथ, पुनीत सा।

देख ! सजा प्यार, नयी प्रीत का, नई रीत का


गई बात पतझड़ की, पीर की, दुख नीर की

पुलक पुलक हर्षे मन सुवासित सी समीर सा।



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