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संजय असवाल "नूतन"

Abstract Inspirational Children

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संजय असवाल "नूतन"

Abstract Inspirational Children

नन्हे सितारे (बाल कविता)

नन्हे सितारे (बाल कविता)

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नन्हे नन्हे कोमल हाथ,

जैसे हों बादल का साथ,

मासूम सी करें प्यारी बातें,

आंखों में है ढेर शरारतें।


कभी हँसें तो फूल खिलें,

कभी रोएँ तो बादल घिरें,

पल पल में ये रंग दिखाए

सारा घर सर पर उठाए।


माँ की गोद,बाबा का साथ

इनकी दुनिया में जादुई बात,

हँसी से हों, इनके रोशनी 

घर की ये हैं, सच्ची खुशी।


छोटे सपने, बड़ी उड़ान,

हर दिन लगे, एक नया जहान,

नन्हे सितारे बन टिमटिम करते,

कभी महकते, कभी चमकते।


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