Rohit Verma
Classics
मन से चंचल हैं
वह नटखट हैं
वह नन्द किशोर हैं
वह राधे-कृष्ण हैं
बांसुरी की धुन जो कर दे दीवाना
राधे -कृष्ण के गुण गाना
जिसने की कृष्ण की भक्ति
कृष्ण के हाथो ये फूट गई मटकी
माखनचोर कहलाते हैं
घर-घर जाकर इनके भक्तो से मिलाते है|
मोबाइल की धुन
यहां कुछ भी म...
दिखावा
सड़क
मै गरीब हूं
तु नामर्द है
ये बेरोजगारी
राजनीति कोई ख...
भागो
मै हिन्दूस्ता...
तनाव भरी चिंता से मुक्ति आगाज विश्राम व नींद का प्रतीक हो नाज। तनाव भरी चिंता से मुक्ति आगाज विश्राम व नींद का प्रतीक हो नाज।
है नमन पुण्यभूमे, प्राण-भूमे नमन है, श्वर्गादपि गरीयसी, माँ ! तुमको नमन है। है नमन पुण्यभूमे, प्राण-भूमे नमन है, श्वर्गादपि गरीयसी, माँ ! तुमको नमन है।
दावानल जैसा फूट रहा, रुक रुककर इनका क्रोध। दावानल जैसा फूट रहा, रुक रुककर इनका क्रोध।
अब श्मशान में ठहरने का ठिकाना ठीक रहेगा। अब श्मशान में ठहरने का ठिकाना ठीक रहेगा।
बस यहीं है आजकल मेरे दिल के सुकून का राज। बस यहीं है आजकल मेरे दिल के सुकून का राज।
उठ कर जागे हैं अब नहीं रुकेंगे,पाये लक्ष्य बिना हम। उठ कर जागे हैं अब नहीं रुकेंगे,पाये लक्ष्य बिना हम।
कभी बिक जाते लोगों का, नया व्यापार लिखता हूँ। कभी मुट्ठी भर दुनिया, कभी संसार लिख कभी बिक जाते लोगों का, नया व्यापार लिखता हूँ। कभी मुट्ठी भर दुनिया, ...
बैंगनी रंग अनोखा है, हर रंग से थोड़ा भिन्न अपनी सुंदरता से सबको मोहे होये न खिन्न। बैंगनी रंग अनोखा है, हर रंग से थोड़ा भिन्न अपनी सुंदरता से सबको मोहे होये न ...
भरी जवानी में उसने जब, सपने अपने खोया होगा। कितना ताप बढ़ा होगा जब, अंतरमन को पाया ह भरी जवानी में उसने जब, सपने अपने खोया होगा। कितना ताप बढ़ा होगा जब, अंत...
पुनः पुनः सजायें, धरती को फिर से स्वर्ग बनायें। पुनः पुनः सजायें, धरती को फिर से स्वर्ग बनायें।
जीवन बने शान्त पवित्र निर्विकारी कुपथ से हटकर सुपथ पर चले। जीवन बने शान्त पवित्र निर्विकारी कुपथ से हटकर सुपथ पर चले।
तेरी खिड़की की ओर तुझे प्यार में भिगो देने के लिए ...... तेरी खिड़की की ओर तुझे प्यार में भिगो देने के लिए ......
ईश्वर मेरे संग है, मैं ईश्वर के संग। ऐसे जिनके भाव है, तप उनके कब भंग? ईश्वर मेरे संग है, मैं ईश्वर के संग। ऐसे जिनके भाव है, तप उनके कब भंग?
कहो तुम्हीं कि प्रेम का अपने कैसे मैं इज़हार करूँ।। कहो तुम्हीं कि प्रेम का अपने कैसे मैं इज़हार करूँ।।
समर्पित शक्ति-औ-शिव को, ग़ज़ल ‘अवि’ ने बनाई है॥ समर्पित शक्ति-औ-शिव को, ग़ज़ल ‘अवि’ ने बनाई है॥
यशस्वी अमृत ज्ञान बंधुत्व सदा अक्षय भारत का साथ। धन्य धरा पुष्पित पल्लवित सूर्यवंश की ग यशस्वी अमृत ज्ञान बंधुत्व सदा अक्षय भारत का साथ। धन्य धरा पुष्पित पल्लवित सूर...
तुम्हें ना देखा तुम्हें ना जाना फिर भी तुम पर मरते हैं। तुम्हें ना देखा तुम्हें ना जाना फिर भी तुम पर मरते हैं।
क्यों न तन्हाई को आत्मिक चिन्तन में रोप दें सांसारिक मोह से हटाके मन, ईश से जोड़ दें। क्यों न तन्हाई को आत्मिक चिन्तन में रोप दें सांसारिक मोह से हटाके मन, ईश से ...
सबही समान लख, मन रूची शुचि रख, करम महान मान हिय भाव हित है।। सबही समान लख, मन रूची शुचि रख, करम महान मान हिय भाव हित है।।
निस्वार्थ हैं जो कल्याणकारी कर्मी, मित्र कहाये कर्म नित परमार्थ है।। निस्वार्थ हैं जो कल्याणकारी कर्मी, मित्र कहाये कर्म नित परमार्थ है।।