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सोनी गुप्ता

Inspirational

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सोनी गुप्ता

Inspirational

निर्झर

निर्झर

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ओ माँ तू निरंतर निर्झर सी बहती है,

समेट लेती अपनी बाहों में,

हर दुःख -दर्द हमारा हर लेती है,

हर दुःख सहती उफ़ न करती,

निर्झर निरंतर बहती है,

बिन कहे करती हमसे इतना प्यार,

तेरे बिना अधूरा है यह संसार,

ओ माँ तू निरंतर निर्झर सी बहती हैI

 

झरनों की शीतलता का अहसास देती,

अपनी थकान भूलकर,

बच्चों की थकान मिटती है ,

गर्मी ,सर्दी सब खुद सह लेती ,

आँचल की छाव हमें देती है,

ओ माँ तू निरंतर निर्झर सी बहती हैI

 

हृदय तेरा विशाल ,

जिसमें निर्झर सा बहता प्यार,

कल-कल करते झरनों सा बहता स्वरुप,

तेरी आँखों से छलकता तेरा निर्मल प्यार है ,

स्नेह निर्झर झरता मृदु तेरी लोरी है ,

ओ माँ तू निरंतर निर्झर सी बहती हैI

 

संवेदना ,भावना ,तुझमें,

फूलों की खुशबू का वास है ,

जाने कितने ही आँचल रोज भिगोती,

स्वयं के सपने भूलकर,

अपने बच्चों के सपने संजोती है,

ओ माँ तू निरंतर निर्झर सी बहती हैI 

सोनी गुप्ताकालका जीनई दिल्ली-19


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