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Dhan Pati Singh Kushwaha

Inspirational

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Dhan Pati Singh Kushwaha

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नींद

नींद

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मानव तन प्रभु की कृति है,

अति विशिष्ट और बड़ी विचित्र,

विज्ञान कर चुका लाख प्रगति,

न समझ सका है इसको मित्र।

औषधि नींद प्रभु की इसको,

जिसका बस संतुलित प्रयोग,

स्वास्थ्य मानसिक और

शारीरिक हो उत्कृष्ट, न आवे रोग।


नींद है निशुल्क एक उपहार प्रभु का,

देता नई ऊर्जा शक्ति,

बिना भेद के दिया सभी को,

हो नास्तिक -करता हो भक्ति।

मगर अधिकता या हो न्यूनता,

गड़बड़ स्वास्थ्य होवे बहु रोग,

वर्जित अति सब ही की होती,

भली भांति समझें यह लोग।


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