नई शुरुआत
नई शुरुआत
चलो माना कि सफर शुरू कर ही देंगे हम...
पर न जाने कितने रिश्ते खो देंगे हम...
शायद खो दिया है हर वो रिश्ता जो मेरा खास था...
मेरे साथ नहीं पर मेरे दिल के बहुत पास था...
न जाने कब जिंदगी बदलेगी....
मुझे भी अपने हिस्से की खुशियाँ मिलेगी...
इज़ाज़त नही देती जिंदगी अब कोई गलती करने की....
फिर भी गलत करते जा रहे हैं...
हर शाम सोचते हैं खुद के साथ गुजरने की....
कई शाम गुज़रती जा रही है....
खुद से दूरी बढ़ती जा रही है....
अब थक गए हैं जिंदगी बस कर....
थोड़ा सा मुझे भी तो खुश कर....
