नदियों का करो सम्मान
नदियों का करो सम्मान
नदियों का करो सम्मान,
हैं ये माँ के समान।
इनको गंदा करके,
न करो इनका अपमान।
नदियों और तालाबों में,
कूड़ा हम देते हैं डाल।
सही नहीं ये काम है,
बंद करो तत्काल।
नदियों का पानी है अमृत,
हो न जाए बेकार।
सही ढंग से उपयोग करो,
करो इसका भंडार।
शुद्ध अगर ये जल रहे,
जीना हो आसान।
किसी एक का काम नहीं,
सब मिलकर रखो ध्यान।
हरी-भरी धरती रहे,
नदियों में जल हो अपार।
बनो तुम सच्चे मनुज,
प्रकृति से करो प्यार।
प्रकृति की रक्षा करना,
हो जीवन लक्ष्य हमारा।
नदियाँ, केवल नदी नहीं,
हैं ये जीवनधारा।
