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Surendra kumar singh

Abstract

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Surendra kumar singh

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नाव है

नाव है

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नाव है,समुन्दर है, भंवर है  सफर है

बादल है,अंधड़ है,कड़क है, सफर है


निराशा है,आशा है, उमंग है, सफर है

हार है, जीत है, युद्ध है, .  सफर है


गीत है, गजल है, तरन्नुम है, सफर है

तुम हो, वो है ही, मैं भी हूँ, सफर है


शोखियां हैं, मस्तियाँ हैं, नजर है सफर है

रास्ता है, मन्जिल है,दुश्वारियां है सफर है


मुश्किलें है,अंधेरा है,चमक है, सफर है

खुशी है,आनन्द है,विश्वास है, सफर है


जीवन है परमात्मा है ज्ञान है सफर है

दुनिया है, मनुष्य है, भ्रम है, सफर है।


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