नारंगी - :माँ तुझे प्रणाम
नारंगी - :माँ तुझे प्रणाम
वंदे वंदितम्, वंदे वंदितम्।।
अंधकार को हरने वाली,
कालरात्रि कहलाने वाली,
माँ! तुझे प्रणाम।
ओ माँ! तुझे प्रणाम।।
वंदे वंदितम्, वंदे वंदितम्।।
खड़क औ खप्पर रखने वाली,
रक्तबीज वध करने वाली,
माँ! तुझे प्रणाम।
ओ माँ! तुझे प्रणाम।।
वंदे वंदितम्, वंदे वंदितम्।।
असुरों का वध करने वाली,
आग की भांति चमकने वाली,
माँ! तुझे प्रणाम।
ओ माँ! तुझे प्रणाम।।
वंदे वंदितम्, वंदे वंदितम्।।
संतापों को हरने वाली,
दुष्टों को मार गिराने वाली,
माँ! तुझे प्रणाम।
ओ माँ! तुझे प्रणाम।।
वंदे वंदितम्, वंदे वंदितम्।।
नारंगी चोला रखने वाली,
ज्ञान-वैराग्य है देने वाली,
माँ! तुझे प्रणाम।
ओ माँ! तुझे प्रणाम।।
वंदे वंदितम्, वंदे वंदितम्।।
मुंडों की माल पहनने वाली,
सबके दर्द समझने वाली,
माँ! तुझे प्रणाम।
ओ माँ! तुझे प्रणाम।।
वंदे वंदितम्, वंदे वंदितम्।।
'स्मृति' के दिल में बसने वाली,
सबको प्यार लुटाने वाली,
माँ! तुझे प्रणाम।
ओ माँ! तुझे प्रणाम।।
वंदे वंदितम्, वंदे वंदितम्।।
