STORYMIRROR

Deepti Sharma

Inspirational

4  

Deepti Sharma

Inspirational

नारी

नारी

1 min
460

लिखती हूँ आज फिर नारी के बारे में,

इस सोये संसार की आत्मा को जगाना चाहूंगी,

आज फिर मैं नारी को उसकी पहचान दिलाना चाहूंगीI


रूप तो बहुत नारी के इस धरती पे,

उन्हीं रूपों में से चंद को गिनाना चाहूंगी,

आज फिर मैं नारी को उसकी पहचान दिलाना चाहूंगीI


बेटियों को बोझ और पराया धन समझने वालों को,

उनकी बेटियों की अहमियत दिखाना चाहूंगी,

आज फिर मैं नारी को उसकी पहचान दिलाना चाहूंगीI


खुद की बहन, बेटियों को घर में छुपा कर,

दूसरों की बहन, बेटियों पे बुरी नजर रखने वाले को,

नारी का सम्मान करना सिखाना चाहूंगी,

आज फिर मैं नारी को उसकी पहचान दिलाना चाहूंगीI


बेटी के जनम पर उसकी माँ को ताना देने वाले लोगों को,

और बेटी को तिरसकार की मिसाल समझने वालों को,

बेटी का असली अवतार दिखाना चाहूंगी,

आज फिर मैं नारी को उसकी पहचान दिलाना चाहूंगीI


नारी को पुरुष से कम समझने वालों को,

आज मैं, रानी लक्ष्मी बाई, इंदिरा गांधी, मेरी कोम, गीता,

बबीता, जैसी नारियों के उदाहरण बताना चाहूंगी;

आज फिर मैं नारी को उसकी पहचान दिलाना चाहूंगीI


और अंतिम कुछ पंक्ति नारी का सम्मान करने वाले पुरुषों के लिए...


बेटी को बेटे के समान रखने वालों का मैं धन्यवाद करना चाहूंगी,

बेटी को आजादी के पंख देकर उड़ाने वालों को आज

मैं सर झुकाकर सलाम करना चाहूंगी,

आज फिर मैं नारी को उसकी पहचान दिलाना चाहूंगीI


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational